मक्का में फॉल आर्मीवर्म कीट की पहचान और नियंत्रण के उपाय
मक्का में फॉल आर्मीवर्म कीट की पहचान और नियंत्रण के उपाय: मक्का की खेती करने वाले किसान भाइयों के लिए बरसात और उमस का मौसम जितनी खुशियां लेकर आता है, उतनी ही चुनौतियां भी खड़ी करता है। इस मौसम में फसल को सबसे बड़ा खतरा एक छोटे से कीड़े से होता है जो पूरी मेहनत को कुछ ही दिनों में मिट्टी में मिला सकता है।
मक्का में फॉल आर्मीवर्म कीट की पहचान और नियंत्रण के उपाय जानना हर उस किसान के लिए जरूरी है जो अपनी फसल से बंपर मुनाफा कमाना चाहता है। अगर आप सही समय पर इस खतरनाक सैनिक कीट को नहीं पहचान पाते हैं, तो यह मक्का के पौधों की गोभ को अंदर से खाकर उन्हें पूरी तरह से खोखला और बर्बाद कर देता है।
फॉल आर्मीवर्म कीट क्या है और यह कैसे नुकसान पहुंचाता है?
यह एक बेहद आक्रामक अमेरिकी कीड़ा है जो बहुत तेजी से अंडे देता है और इसकी सुंडियां रात के समय मक्का के पत्तों को चट कर जाती हैं। शुरुआती दिनों में यह केवल पत्तों की ऊपरी सतह को खुरच कर खाता है, लेकिन बड़े होने पर यह पौधे के मुख्य तने और बढ़ते हुए पोंगे को निशाना बनाता है।
यह गाइड आपको बिना किसी उलझन के बहुत ही आसान शब्दों में इस कीड़े की पहचान करना सिखाएगी। साथ ही हम उन चुनिंदा देसी और रासायनिक तरीकों पर बात करेंगे जो आपकी फसल को 100 प्रतिशत सुरक्षित रखने में पूरी तरह से मददगार साबित होंगे।
मक्का में फॉल आर्मीवर्म कीट की पहचान और नियंत्रण के उपाय फसल की सुरक्षा के लिए मुख्य बातें
मक्का की फसल को सुरक्षित रखने के लिए आपको बुवाई के बीस दिनों के बाद से ही खेत का लगातार चक्कर लगाना शुरू कर देना चाहिए। जब पौधे घुटने के बराबर ऊंचाई पर आएं, तब पौधों के बीच के नए पत्तों को खोलकर देखना बहुत जरूरी होता है।
शुरुआती दिनों में अगर आप जैविक नीम के तेल का छिड़काव करते हैं, तो कीड़े के अंडे वहीं नष्ट हो जाते हैं और भारी खर्च बच जाता है। वहीं अगर हमला बहुत ज्यादा बढ़ चुका है, तो आपको बिना समय गंवाए अनुशंसित रासायनिक दवाओं का घोल सीधे पौधों के पोंगे के अंदर डालना पड़ता है।
विषय सूची
- मक्का में फॉल आर्मीवर्म के लक्षण और पहचान कैसे करें
- मक्का की फसल में सुंडी की रोकथाम के शुरुआती तरीके
- मक्का में फॉल आर्मीवर्म की दवा: सबसे असरदार कीटनाशक
- मक्का की इल्ली नियंत्रण के घरेलू उपाय और देसी नुस्खे
- खेत में मक्का में सैनिक कीट का इलाज करने का सही समय
- दवा छिड़कते समय किसान भाई कौन सी गलतियों से बचें
- अक्सर पूछे जाने वाले जरूरी सवाल और जवाब
मक्का में फॉल आर्मीवर्म के लक्षण और पहचान कैसे करें
इस खतरनाक कीड़े के हमले को शुरुआती दिनों में पहचानना बहुत आसान होता है बशर्ते आप रोजाना अपने पौधों पर बारीक नजर रखें। जब खेत में इस सुंडी का हमला होता है, तो मक्का के कोमल पत्तों पर आपको छोटे-छोटे सफेद रंग के कागज जैसे धब्बे या धारियां दिखाई देने लगती हैं।
जैसे-जैसे सुंडी बड़ी होती है, वह पत्तों में बड़े-बड़े गोल छेद करने लगती है और पौधों के बीच वाले हिस्से में उसका गाढ़ा मल जमा होने लगता है। मक्का में फॉल आर्मीवर्म के लक्षण पूरी तरह स्पष्ट तब होते हैं जब पौधे की मुख्य गोभ कटी हुई दिखती है और पत्तों का आकार पूरी तरह से बिगड़ जाता है।
मक्का की फसल में सुंडी की रोकथाम के शुरुआती तरीके
खेत में कीड़ा दिखने का इंतजार करने से बेहतर है कि आप फसल चक्र और सुरक्षा के कुछ बुनियादी नियमों का पालन पहले दिन से ही करें। मक्का की बुवाई के तुरंत बाद खेत के चारों तरफ थोड़ी दूरी पर नेपियर घास या ज्वार की कुछ लाइनें लगा देनी चाहिए जो ट्रैप क्रॉप का काम करती हैं।
इसके अलावा खेत में जगह-जगह अंग्रेजी के ‘T’ आकार की लकड़ी की खूंटियां गाड़ दें ताकि उन पर आकर पक्षी बैठ सकें और वे सुंडियों को चुन-चुनकर खा जाएं। इन छोटे-छोटे प्राकृतिक तरीकों से मक्का की फसल में सुंडी की रोकथाम बहुत ही कम लागत में और बिना किसी जहरीले रसायन के आसानी से हो जाती है।
मक्का में फॉल आर्मीवर्म की दवा: सबसे असरदार कीटनाशक
जब खेत में इस सैनिक सुंडी का प्रकोप आर्थिक नुकसान की सीमा यानी पांच से दस प्रतिशत पौधों से ज्यादा बढ़ जाए, तो आपको तुरंत बाजार की प्रमाणित दवाओं का रुख करना चाहिए। इस कीड़े की त्वचा बहुत सख्त होती है, इसलिए इस पर कोई भी साधारण या पुराना कीटनाशक काम नहीं करता है।
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार मक्का में फॉल आर्मीवर्म की दवा के रूप में इमामेक्टिन बेंजोएट 5% एसजी की 80 ग्राम मात्रा को प्रति एकड़ के हिसाब से इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा स्पाइनेटोरम 11.7% एससी की 100 मिलीलीटर मात्रा भी 200 लीटर पानी में मिलाकर डालना एक बेहतरीन और अचूक उपाय माना जाता है।
मक्का की इल्ली नियंत्रण के घरेलू उपाय और देसी नुस्खे
जो किसान भाई रासायनिक दवाओं पर ज्यादा पैसा खर्च नहीं करना चाहते हैं, वे फसल के शुरुआती तीस दिनों के भीतर कुछ बहुत ही असरदार घरेलू नुस्खे अपना सकते हैं। नीम के बीजों का अर्क या बाजार में मिलने वाला 10,000 पीपीएम का नीम तेल इस कीड़े की भूख को पूरी तरह से बंद कर देता है।
इसके अलावा पांच लीटर गोमूत्र में आधा किलो नीम की पत्तियां, थोड़ी सी लहसुन और तीखी मिर्च पीसकर अच्छी तरह उबाल लें और इस काढ़े को छानकर खेत में स्प्रे करें। इन बेहतरीन मक्का की इल्ली नियंत्रण के घरेलू उपाय की मदद से सुंडी के नए अंडे और छोटे बच्चे बहुत ही आसानी से बिना किसी साइड इफेक्ट के मर जाते हैं।
खेत में मक्का में सैनिक कीट का इलाज करने का सही समय
दवा का चुनाव जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी यह बात है कि आप खेत में किस समय स्प्रे मशीन लेकर उतर रहे हैं। यह सुंडी दिन के तेज उजाले और चिलचिलाती धूप के समय पौधे की गोभ के सबसे गहरे हिस्से के अंदर छुपी रहती है।
इसलिए दोपहर के समय दवा छिड़कने से पानी सीधे कीड़े तक नहीं पहुंच पाता और आपकी महंगी दवा पूरी तरह से बर्बाद हो जाती है। जब भी आप मक्का में सैनिक कीट का इलाज करने जाएं, तो हमेशा दोपहर बाद यानी शाम को चार बजे के बाद ही छिड़काव करें जब कीड़े बाहर निकलकर खाना शुरू करते हैं।
दवा छिड़कते समय किसान भाई कौन सी गलतियों से बचें
एक सबसे आम गलती जो हमारे कई किसान भाई अक्सर अनजाने में करते हैं, वह है स्प्रे नोजल को पौधों के ऊपर से सीधा चला देना। इस कीड़े को मारने के लिए आपको स्प्रे की धार को सीधे मक्का के पौधे के ऊपरी पोंगे यानी गोभ के ठीक अंदर की तरफ डालना पड़ता है।
दवा के घोल में हमेशा किसी अच्छी कंपनी का सिलिकॉन चिपको (स्टीकर) जरूर मिलाएं ताकि दवा पत्तों पर चिपक जाए और अचानक बारिश होने पर भी धुले नहीं। कभी भी एक ही कीटनाशक दवा का छिड़काव लगातार दो बार न करें, बल्कि बदल-बदल कर दवाओं का इस्तेमाल करें ताकि कीड़े में प्रतिरोधक क्षमता न बने।
अक्सर पूछे जाने वाले जरूरी सवाल और जवाब
क्या फॉल आर्मीवर्म का कीड़ा मक्का के अलावा दूसरी फसलों को भी नुकसान पहुंचाता है?
हां, अगर मक्का की फसल खत्म हो जाए तो यह कीड़ा धान, ज्वार, बाजरा और गन्ने की फसलों पर भी बहुत तेजी से हमला कर देता है।
हां, अगर मक्का की फसल खत्म हो जाए तो यह कीड़ा धान, ज्वार, बाजरा और गन्ने की फसलों पर भी बहुत तेजी से हमला कर देता है।
इमामेक्टिन बेंजोएट दवा का छिड़काव एक एकड़ में कितनी बार करना चाहिए?
फसल के पूरे सीजन में इसका छिड़काव अधिकतम दो बार ही करें और दोनों बार के बीच कम से कम पंद्रह दिनों का अंतर जरूर रखें।
फसल के पूरे सीजन में इसका छिड़काव अधिकतम दो बार ही करें और दोनों बार के बीच कम से कम पंद्रह दिनों का अंतर जरूर रखें।
क्या सूखी रेत या राख को पौधे की गोभ में डालने से सुंडी मर जाती है?
हां, शुरुआती अवस्था में सूखी बारीक रेत में थोड़ा सा चूना मिलाकर गोभ में डालने से सुंडी की त्वचा छिल जाती है और वह मर जाती है।
हां, शुरुआती अवस्था में सूखी बारीक रेत में थोड़ा सा चूना मिलाकर गोभ में डालने से सुंडी की त्वचा छिल जाती है और वह मर जाती है।
इस कीड़े का हमला साल के किस महीने में सबसे ज्यादा देखने को मिलता है?
मक्का में इस सैनिक कीट का सबसे भयंकर हमला अगस्त और सितंबर के महीनों में हवा में ज्यादा उमस होने के दौरान होता है।
मक्का में इस सैनिक कीट का सबसे भयंकर हमला अगस्त और सितंबर के महीनों में हवा में ज्यादा उमस होने के दौरान होता है।
क्या ग्रसित पौधों को उखाड़कर खेत से बाहर फेंक देना एक सही फैसला है?
शुरुआती दिनों में अगर सिर्फ दो-चार पौधों पर लक्षण दिखें तो उन्हें उखाड़कर जमीन में गहरा दबा देना पूरी तरह से सही और सुरक्षित रहता है।
निष्कर्ष
मक्का की फसल से रिकॉर्ड तोड़ मुनाफा कमाने के लिए आपको इस सुंडी के खिलाफ अपनी रणनीति बहुत मजबूत रखनी होगी। सही समय पर लक्षणों को पहचानना, नियमित रूप से खेत का निरीक्षण करना और सही दवा का सही तरीके से इस्तेमाल करना ही आपकी फसल को बचा सकता है।
उम्मीद है कि मक्का में फॉल आर्मीवर्म कीट की पहचान और नियंत्रण के उपाय पर आधारित यह गाइड आपके काम आएगी। आज ही अपने मक्का के खेत में जाएं, पौधों की गोभ की जांच करें और किसी भी तरह की शंका होने पर तुरंत नीम के तेल या सुझाई गई दवाओं का स्प्रे शुरू करें।