Close Menu
aapkikheti

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    सितंबर महीने में लगाई जाने वाली मुख्य सब्जियां और कमाने का बेहतरीन मौका

    कपास की फसल में फूलों को झड़ने से कैसे रोकें और पैदावार कैसे बढ़ाएं: बेस्ट उपाय

    तुअर की फसल में फूल और फलियां बढ़ाने के उपाय

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    aapkikheti
    Subscribe
    • मुख पृष्ठ
    • कृषि
      • जैविक
      • फसल
      • बागवानी
        • पुष्प
        • फल
        • सब्ज़ी
    • पशुपालन
      • गाय भैंस (Cow Buffalo Rearing)
      • पशु चारा(Animal Fodder)
      • बकरी पालन (Goat Farming)
      • मत्स्य पालन (Fisheries)
      • मुर्गी पालन (Poultry)
      • सूअर पालन (Piggery)
    • औषधीय पौधे
    • कृषि उपकरण
    • समाचार
    • सरकारी योजना
    • अन्य
      • कृषि एवं खाद्य मेले
      • खाद्य भंडारण और पैकेजिंग
      • कृषि शिक्षा
    • वेब कहानियाँ
    • हमारे बारे में
    • मैगजीन
    • संपर्क
    aapkikheti
    You are at:Home » जैविक खेती में स्यूडोमानास रोग की रोकथाम के कैसे करें ?
    जैविक

    जैविक खेती में स्यूडोमानास रोग की रोकथाम के कैसे करें ?

    AapkikhetiBy AapkikhetiDecember 9, 2023No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest Telegram LinkedIn Tumblr Email Reddit
    स्यूडोमानास रोग की रोकथाम
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest WhatsApp Email

    जैविक खेती में स्यूडोमानास रोग की रोकथाम के कैसे करें ?

    स्यूडोमानास रोग की रोकथाम

    स्यूडोमानास रोग की रोकथाम :-फ्लोरेसेंस की 10 ग्राम मात्रा लेकर प्रति किलोग्राम बीज उपचारित करना चाहिए। वहीं खड़ी फसल के लिए रोपाई के 45 दिनों बाद स्यूडोमोनास फ्लोरेसेंस 0.2 प्रतिशत मात्रा का घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए। इसके बाद 10 दिनों के अंतराल पर तीन बार इसका छिड़काव किया जाना चाहिए। रासायनिक कार्बेन्डाजिम एजॉक्सीस्ट्रोबिन की 500 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर मात्रा लेकर 500 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए।

    मैन डिक्लेरेशन – धान की फसल कटाई के पहले या बाद में अनाज विभिन्न जीवों से संक्रमित हो जाता है। जिससे अनाज के खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। धान के दानों पर गहरे भूरे या काले धब्बे पड़ जाते हैं। यह धब्बे पीले, लाल, नारंगी या गुलाबी रंग के भी हो सकते हैं। जिससे फसल की गुणवत्ता घट जाती है।

    कैसे करें नियंत्रण– जैविक-धान की कटाई से पहले खेत का पानी पूरी तरह से निकाल देना चाहिए। इसके अलावा फसल को अच्छी तरह सुखाने के बाद ही स्टोरेज करना चाहिए।

    रासायनिक-फूल आने के समय कार्बन्डाजिम + मैंकोजेब (50-50न तिशत) की 0.2 मात्रा लेकर छिड़काव करना चाहिए।

    फाल्स स्मट-इस रोग के कारण फसल का दाना हरे रंग के बीजाणुओं में बदल जाता है। जिसके कारण उत्पादन कम हो जाता है।

    कैसे करें नियंत्रण-प्रोपिकोनाजोल 25 ई.सी. की 500 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर की मात्रा लेकर 500 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए। पहला छिड़काव पौधे में बूट लीफ आने के बाद तथा दूसरा छिड़काव फूल आने के अन्य बाद करना चाहिए। फंगीसाइड रोग : स्प्रेम रॉट-इस रोग के कारण पत्तियों पर छोटे-छोट काले घाव बन जाते है जो बाद में सड़कर टूट जाती है। इस रोग की रोकथाम के लिए पत्तियां आने के समय 250 ग्राम प्रति हेक्टेयर कार्बेन्डाजिम की मात्रा लेकर छिड़काव करें।

    फूट रॉट– नर्सरी में पौधे तैयार करते समय इस रोग के कारण धान के पौधे दुबले पतले और कमजोर रह जाते हैं। इसके लिए कार्बेन्डाजिम 50 डब्ल्यू.पी. की 2 ग्राम मात्रा से प्रति एक किलोग्राम बीज शोधित करना चाहिए।

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit WhatsApp Telegram Email
    Previous Articleमुर्गी पालन पोल्ट्री फार्म की जानकारी ।
    Next Article लहसुन की खेती में लगते हैं ये तीन खतरनाक कीट
    Aapkikheti
    • Website

    Related Posts

    किस महीने कौन सी फसल बोई जाती है, जानिए वर्ष भर की पूरी खेती योजना

    April 28, 2026

    किसान कम लागत में ज्यादा मुनाफा कैसे कमाएं : आसान और असरदार तरीके

    April 25, 2026

    राजस्थान में सबसे अच्छी खेती कौन सी है

    April 15, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    शीर्ष पोस्ट

    सितंबर महीने में लगाई जाने वाली मुख्य सब्जियां और कमाने का बेहतरीन मौका

    August 26, 2026

    कपास की फसल में फूलों को झड़ने से कैसे रोकें और पैदावार कैसे बढ़ाएं: बेस्ट उपाय

    August 25, 2026

    तुअर की फसल में फूल और फलियां बढ़ाने के उपाय

    August 22, 2026

    तुअर की फसल को उकठा रोग और फली छेदक इल्ली से कैसे बचाएं?

    August 21, 2026
    इसे मत चूको!
    कृषि August 26, 2026

    सितंबर महीने में लगाई जाने वाली मुख्य सब्जियां और कमाने का बेहतरीन मौका

    सितंबर महीने में लगाई जाने वाली मुख्य सब्जियां और कमाने का बेहतरीन मौका जैसे ही…

    कपास की फसल में फूलों को झड़ने से कैसे रोकें और पैदावार कैसे बढ़ाएं: बेस्ट उपाय

    तुअर की फसल में फूल और फलियां बढ़ाने के उपाय

    तुअर की फसल को उकठा रोग और फली छेदक इल्ली से कैसे बचाएं?

    श्रेणियाँ

    • Featured
    • Featured Stories
    • Uncategorized
    • अन्य
    • एमपी न्यूज़
    • औषधीय पौधे
    • औषधीय पौधे
    • कृषि
    • कृषि उपकरण
    • कृषि एवं खाद्य मेले
    • कृषि शिक्षा
    • कृषि समाचार
    • खाद्य भंडारण और पैकेजिंग
    • गाय भैंस (Cow Buffalo Rearing)
    • जैविक
    • जैविक खेती
    • ट्रेंडिंग पोस्ट
    • पशुपालन
    • पुष्प
    • फल
    • फसल
    • बकरी पालन (Goat Farming)
    • बागवानी
    • मत्स्य पालन (Fisheries)
    • मुर्गी पालन (Poultry)
    • सब्ज़ी
    • सरकारी योजनाएँ
    Whats App Image 2026 06 22 at 1 55 21 PM

    अभी के पोस्ट

    हमारे बारे में
    हमारे बारे में

    Aapkikheti में आपका स्वागत है - टिकाऊ खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों और फसल की पैदावार को अधिकतम करने से संबंधित हर चीज के लिए आपका पसंदीदा मंच। हम पर्यावरण को संरक्षित करते हुए किसानों को स्वस्थ फसलें उगाने में मदद करने के लिए जैविक खेती, स्मार्ट सिंचाई और नवीन तरीकों पर विशेषज्ञ सलाह प्रदान करते हैं।

    Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
    हमारी पसंद

    सितंबर महीने में लगाई जाने वाली मुख्य सब्जियां और कमाने का बेहतरीन मौका

    कपास की फसल में फूलों को झड़ने से कैसे रोकें और पैदावार कैसे बढ़ाएं: बेस्ट उपाय

    तुअर की फसल में फूल और फलियां बढ़ाने के उपाय

    सबसे लोकप्रिय

    Sitafal ki kheti कैसे करें ?

    February 2, 2023

    Neem एक Fayde अनेक किसान का अनुभव

    December 7, 2023

    अफ़ीम की खेती कैसी होती है ?अफ़ीम की खेती का लाइसेंस,कमाई

    December 8, 2023
    © 2026 Aapkikheti. Designed by Mobdigital.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version