Chukandar ki kheti kaise karen : जाने कैसे उगाय और खाने के क्या क्या हैं फायदे
जैसा कि हम सब जानते हैं की चुकंदर के खाने के कई फायदे हैं , और इसकी खेती के भी फायदे हैं जो आपको मालामाल बना सकते हैं | चुकंदर की खेती भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रही है क्योंकि यह सेहत के लिए बेहद लाभकारी सब्जी है। इसमें विटामिन, मिनरल और आयरन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। चुकंदर की खेती करने के लिए सही विधि और जानकारी आवश्यक है।तो आपको हमारा Chukandar ki kheti kaise karen ब्लॉग जरूर पढ़ना चाहिए जो आपको इससे जुडी हर जानकारी प्रदान करेगा जिस से आप खेती में मुनाफा भी कमा सकते हैं |
Chukandar ki kheti kaise karen जाने इस ब्लॉग में
1. Chukandar ki kheti kaise karen aur beejon ko kaise boye
- बीज खरीदना:
- चुकंदर के बीज कृषि केंद्रों, नर्सरी या प्रमाणित कृषि दुकानों से खरीदें।
- हाईब्रिड और उन्नत किस्मों के बीजों का चयन करें, जैसे- क्रिमसन ग्लोब, डेट्रायट डार्क रेड, और पूसा रिज़का।
- बीज खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि वे अच्छे गुणवत्ता वाले और कीट रहित हों।
- बीज को बोने की विधि:
- बीजों को बोने से पहले 12 घंटे तक गुनगुने पानी में भिगो दें, जिससे उनका अंकुरण तेजी से हो।
- खेत में 20-25 सेमी की दूरी पर कतार बनाएं।
- बीजों को 2-3 सेमी गहराई में बोएं और हल्की मिट्टी से ढक दें।
- बीजों को बोने के बाद सिंचाई करना न भूलें।
2. चुकंदर की खेती कब करें
अगर आप चुकंदर की खेती करना चाहते हैं तो याद रखे की खेत के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर के पहले हफ्ते से लेकर जनवरी फरवरी तक होता है | इसकी खेती अच्छी मात्रा मेंकरने के लिए आपका सही महीना में खेती करने का चुनाव सबसे जरुरी हैं |
2. चुकंदर की खेती के लिए मिट्टी का चयन
चुकंदर की खेती के लिए दोम्मट मिटटी सबसे अच्छी मानी जाती हैं क्योंकि इसकी मिट्टी का पीएच स्तर 6.0 से 7.5 के बीच होता हैं जिस वजह से पानी निकासी में भी आसान होती हैं और जड़ों को सड़ने से भी बचाती हैं | कोई ऐसी मिटटी का प्रयोग ना करे जो इसकी फसल को हानि पहुंचा सके | जब भी आप बीजों को बोये तो खेत को 2-3 बार बुवाई करके खेत को भुरभुरा बना ले और जितना हो सके प्राकर्तिक खाद का ही इस्तेमाल करे |
3. चुकंदर के लिए खाद और उर्वरक
- खेत में बुवाई से पहले गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट डालें।
- बुवाई के समय प्रति हेक्टेयर 100-120 किलोग्राम नाइट्रोजन, 40-50 किलोग्राम फास्फोरस और 60-70 किलोग्राम पोटाश डालें।
- चुकंदर के पौधों को समय-समय पर पोषक तत्व देने के लिए जैविक खाद का उपयोग करें।
- यदि पौधों में वृद्धि धीमी हो तो नाइट्रोजनयुक्त उर्वरक का छिड़काव करें।
4. चुकंदर की सिंचाई और देखभाल
- चुकंदर की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है।
- पहली सिंचाई बुवाई के तुरंत बाद करें और फिर हर 7-10 दिन में सिंचाई करें।
- खरपतवार नियंत्रण के लिए खेत की निराई-गुड़ाई समय-समय पर करें।
5. फसल की कटाई
- बुवाई के 90-100 दिन बाद चुकंदर की फसल तैयार हो जाती है।
- चुकंदर को ध्यानपूर्वक उखाड़कर बाजार में बेचें।
चुकंदर की खेती सही तकनीक से करने पर किसान को अच्छी पैदावार और मुनाफा मिलता है। अगर सही गुणवत्ता के बीज और उर्वरक का उपयोग किया जाए, तो यह फसल और भी लाभकारी हो सकती है।
6.चुकंदर कितने दिन में तैयार होता हैं
चुकंदर 90-120 दिनों में पूरी तरह से तैयार हो जाती है। जब आपको लगे की जडों का आकार 5-7 सेंटीमीटर हो और पत्तियां पीली होने लगें, तब उसकी कटाई कर दे |
7.Chukandar Khane ke Fayde
