Close Menu
aapkikheti

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    फसल को कीड़ों से कैसे बचाएं आसान और असरदार उपाय

    गर्मी में पौधों को कैसे बचाएं : आसान घरेलू उपाय

    गर्मी में फसल बचाने के उपाय : आसान देसी तरीके

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    aapkikheti
    Subscribe
    • मुख पृष्ठ
    • कृषि
      • जैविक
      • फसल
      • बागवानी
        • पुष्प
        • फल
        • सब्ज़ी
    • पशुपालन
      • गाय भैंस (Cow Buffalo Rearing)
      • पशु चारा(Animal Fodder)
      • बकरी पालन (Goat Farming)
      • मत्स्य पालन (Fisheries)
      • मुर्गी पालन (Poultry)
      • सूअर पालन (Piggery)
    • औषधीय पौधे
    • कृषि उपकरण
    • समाचार
    • सरकारी योजना
    • अन्य
      • कृषि एवं खाद्य मेले
      • खाद्य भंडारण और पैकेजिंग
      • कृषि शिक्षा
    • वेब कहानियाँ
    • हमारे बारे में
    • मैगजीन
    • संपर्क
    aapkikheti
    You are at:Home » बरसात में होने वाली सब्जी की खेती : जाने किस सब्जी को बरसात में उगा सकते हैं
    कृषि

    बरसात में होने वाली सब्जी की खेती : जाने किस सब्जी को बरसात में उगा सकते हैं

    AapkikhetiBy AapkikhetiJuly 17, 2025No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest Telegram LinkedIn Tumblr Email Reddit
    बरसात में होने वाली सब्जी की खेती-Aapkikheti.com
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest WhatsApp Email

    बरसात में होने वाली सब्जी की खेती : जाने किस सब्जी को बरसात में उगा सकते हैं

    अगर आप खेती बाड़ी का शौक रखते हैं , पर आपको सही राय नहीं मिल पा रही हैं तो आप सही जगह पर आये हैं | जहाँ आप जान पाएंगे बरसात में होने वाली सब्जी की खेती के बारे में और साथ में आप जाने पाएंगे की उन सब्जी के नाम जिन्हे बरसात के कारण अच्छे से उगाया जा सकता हैं | तो जरूर पढ़िए नीचे दी गयी सभी जानकारी को जो आपको खेती करने में काफी मदत करेगी |

    देसी धान की किस्में

    बरसात में होने वाली सब्जी की खेती कौन कौनसी हैं जानिये

    1. भिंडी 

    बरसात में होने वाली सब्जी की खेती-Aapkikheti.com
    भिंडी एक गर्म और नमी वाले वातावरण में अच्छी तरह उगती है। बरसात के मौसम में इसकी खेती आसान होती है क्योंकि मिट्टी में नमी रहती है। भिंडी की बुवाई जून-जुलाई में करनी चाहिए। यह हल्की दोमट मिट्टी में अच्छी उपज देती है। पौधे को कीटों से बचाने के लिए जैविक कीटनाशकों का प्रयोग करें। भिंडी की फसल लगभग 45 से 50 दिनों में तैयार हो जाती है। किसानों को इससे अच्छा लाभ मिलता है क्योंकि बाजार में इसकी मांग सालभर बनी रहती है।

    2. लौकी 

    लौकी को बरसात के मौसम में उगाना बेहद लाभकारी होता है। यह बेल वाली फसल है जो गर्मी और नमी में तेजी से बढ़ती है। बीजों की बुवाई जून-जुलाई में करनी चाहिए। यह दोमट और जलनिकासी वाली मिट्टी में अच्छी उपज देती है। पौधे को सहारा देना जरूरी होता है ताकि फल जमीन से संपर्क में न आएं। लगभग 60-70 दिनों में इसकी पहली तुड़ाई शुरू हो जाती है। लौकी स्वास्थ्यवर्धक सब्जी है और इसकी मांग हर मौसम में बनी रहती है।

    3. करेला 
    करेला एक पोषक तत्वों से भरपूर और औषधीय गुणों वाली सब्जी है। बरसात का मौसम करेला उगाने के लिए आदर्श होता है। जून से अगस्त तक इसकी बुवाई की जाती है। यह फसल हल्की दोमट या बलुई दोमट मिट्टी में सबसे अच्छी होती है। बेल को सहारा देने के लिए जाली या बांस का सहारा देना चाहिए। फसल को रोगों से बचाने के लिए नीम आधारित जैविक स्प्रे करें। 55-60 दिन में फसल तैयार हो जाती है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा होता है।

    4. तुरई 
    तुरई एक बेल वाली सब्जी है जो बरसात के मौसम में बहुत अच्छी उपज देती है। इसकी बुवाई जून-जुलाई में करनी चाहिए। तुरई को गर्म और आर्द्र वातावरण पसंद होता है। इसे उगाने के लिए हल्की दोमट या बलुई मिट्टी उपयुक्त होती है। बेल को फैलने के लिए सहारा देना जरूरी होता है। इसकी फसल 50-60 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है। तुरई पाचन में सहायक होती है और बाजार में भी इसकी अच्छी मांग होती है।

    5. पालक 
    पालक एक हरी पत्तेदार सब्जी है जो मानसून में बहुत तेजी से बढ़ती है। इसकी बुवाई जुलाई से सितंबर तक की जाती है। यह फसल ठंडी और नमी वाली जलवायु को पसंद करती है। पालक को दोमट या चिकनी मिट्टी में उगाना अच्छा होता है। इसमें नियमित पानी देना चाहिए और खरपतवार नियंत्रण भी जरूरी है। बुवाई के 25-30 दिनों के भीतर इसकी कटाई की जा सकती है। यह आयरन से भरपूर होती है और पोषण के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।

    6. खीरा 
    खीरा एक रसीली और ठंडक देने वाली सब्जी है जो बरसात में तेजी से बढ़ती है। इसकी बुवाई जून-जुलाई में होती है। खीरा को बलुई या दोमट मिट्टी में उगाया जाता है जिसमें जल निकास की अच्छी व्यवस्था हो। यह फसल बेल वाली होती है इसलिए इसे सहारा देना जरूरी है। 40-50 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है। खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे यह गर्मियों और बारिश के मौसम में बहुत पसंद किया जाता है। बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है।

    7. सेम 
    सेम एक पौष्टिक फलदार सब्जी है जिसे बरसात में आसानी से उगाया जा सकता है। इसकी बुवाई जुलाई-अगस्त में करनी चाहिए। यह फसल मध्यम जलवायु और नमी वाली मिट्टी में अच्छी होती है। सेम की बेल को सहारा देना होता है जिससे फल जल्दी और स्वस्थ निकलते हैं। यह फसल 60-70 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार होती है। सेम में फाइबर, प्रोटीन और विटामिन होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। बाजार में इसकी खपत और कीमत दोनों संतोषजनक रहती हैं।

    8. चौलाई 
    चौलाई एक हरी पत्तेदार सब्जी है जो बरसात के मौसम में खूब उगती है। इसकी बुवाई जून से सितंबर तक की जाती है। यह फसल दोमट या बलुई दोमट मिट्टी में उगाई जाती है। चौलाई में आयरन, कैल्शियम और फाइबर भरपूर होता है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है। इसकी कटाई 25-30 दिन में की जा सकती है और एक ही फसल से कई बार पत्तियाँ तोड़ी जा सकती हैं। यह सब्जी बाजार में हरी सब्जियों की श्रेणी में खूब बिकती है।

    9. धनिया
    धनिया एक सुगंधित पत्तेदार सब्जी है जो मसाले के रूप में भी प्रयोग होती है। बरसात के मौसम में इसकी बुवाई जुलाई से अगस्त तक की जाती है। यह हल्की मिट्टी और अच्छी जल निकासी वाली भूमि में अच्छे से बढ़ती है। बुवाई के 25-30 दिनों में पत्तियाँ तोड़ने के लिए तैयार हो जाती हैं। धनिया में आयरन और विटामिन C पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। इसकी हर मौसम में मांग बनी रहती है जिससे यह लाभकारी फसल बन जाती है।

    10. मेथी
    मेथी एक बहुपयोगी हरी सब्जी है जो बरसात में आसानी से उगाई जाती है। इसकी बुवाई जुलाई से सितंबर के बीच की जाती है। मेथी की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त रहती है। 25-30 दिनों में इसकी पत्तियाँ तोड़ने के लिए तैयार हो जाती हैं। यह फाइबर, आयरन और प्रोटीन से भरपूर होती है। मेथी को सब्जी और पराठों में इस्तेमाल किया जाता है। एक ही फसल से कई बार कटाई संभव है, जिससे किसानों को अच्छा उत्पादन और मुनाफा मिलता है।

    11. मूली 

    मूली की खेती मानसून के अंत या बरसात के बीच की जा सकती है, विशेषकर अगस्त-सितंबर में। यह ठंडी जलवायु पसंद करती है, लेकिन शुरुआती नमी में तेजी से बढ़ती है। हल्की दोमट मिट्टी और अच्छे जल निकास की आवश्यकता होती है। बीज बुवाई के 30-40 दिनों में मूली की खुदाई शुरू हो जाती है। यह पाचन में सहायक और पोषक तत्वों से भरपूर होती है। मूली का उपयोग पराठों, सलाद और सब्जियों में किया जाता है, जिससे इसकी मांग बाजार में बनी रहती है।

    12. प्याज 
    बरसात के मौसम में प्याज की नर्सरी जून-जुलाई में तैयार की जाती है और पौधे अगस्त-सितंबर में खेतों में रोपे जाते हैं। प्याज को उगाने के लिए बलुई दोमट मिट्टी और अच्छी जल निकासी जरूरी है। अत्यधिक पानी प्याज को सड़ा सकता है इसलिए खेत का लेवल अच्छा होना चाहिए। प्याज की फसल लगभग 90-120 दिनों में तैयार हो जाती है। इसकी खेती किसानों के लिए बेहद लाभकारी होती है क्योंकि इसका उपयोग हर भारतीय रसोई में होता है और सालभर इसकी मांग बनी रहती है।

    barsat mein hone wali sabji ki kheti barsat mein kis cheez ki kheti kare barsat mein kiski kheti kare बरसात में होने वाली सब्जी की खेती
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit WhatsApp Telegram Email
    Previous ArticleDragon Fruit Khane Ke Fayde : जाने इस सबसे अधिक मुनाफा देने वाले फल के फायदे
    Next Article Sarso Ki Kheti :जाने कैसे पाए खेती से ज्यादा से ज्यादा मुनाफा
    Aapkikheti
    • Website

    Related Posts

    फसल को कीड़ों से कैसे बचाएं आसान और असरदार उपाय

    April 23, 2026

    गर्मी में पौधों को कैसे बचाएं : आसान घरेलू उपाय

    April 22, 2026

    गर्मी में फसल बचाने के उपाय : आसान देसी तरीके

    April 21, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    शीर्ष पोस्ट

    फसल को कीड़ों से कैसे बचाएं आसान और असरदार उपाय

    April 23, 2026

    गर्मी में पौधों को कैसे बचाएं : आसान घरेलू उपाय

    April 22, 2026

    गर्मी में फसल बचाने के उपाय : आसान देसी तरीके

    April 21, 2026

    गर्मी में मिर्च की खेती कैसे करें, पूरा आसान तरीका

    April 20, 2026
    इसे मत चूको!
    कृषि April 23, 2026

    फसल को कीड़ों से कैसे बचाएं आसान और असरदार उपाय

    फसल को कीड़ों से कैसे बचाएं, आसान तरीके जो सच में काम आते हैं फसल…

    गर्मी में पौधों को कैसे बचाएं : आसान घरेलू उपाय

    गर्मी में फसल बचाने के उपाय : आसान देसी तरीके

    गर्मी में मिर्च की खेती कैसे करें, पूरा आसान तरीका

    श्रेणियाँ

    • Featured
    • Featured Stories
    • Uncategorized
    • अन्य
    • एमपी न्यूज़
    • औषधीय पौधे
    • औषधीय पौधे
    • कृषि
    • कृषि उपकरण
    • कृषि एवं खाद्य मेले
    • कृषि शिक्षा
    • कृषि समाचार
    • खाद्य भंडारण और पैकेजिंग
    • गाय भैंस (Cow Buffalo Rearing)
    • जैविक
    • जैविक खेती
    • ट्रेंडिंग पोस्ट
    • पशुपालन
    • पुष्प
    • फल
    • फसल
    • बकरी पालन (Goat Farming)
    • बागवानी
    • मत्स्य पालन (Fisheries)
    • मुर्गी पालन (Poultry)
    • सब्ज़ी
    • सरकारी योजनाएँ

    अभी के पोस्ट

    हमारे बारे में
    हमारे बारे में

    Aapkikheti में आपका स्वागत है - टिकाऊ खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों और फसल की पैदावार को अधिकतम करने से संबंधित हर चीज के लिए आपका पसंदीदा मंच। हम पर्यावरण को संरक्षित करते हुए किसानों को स्वस्थ फसलें उगाने में मदद करने के लिए जैविक खेती, स्मार्ट सिंचाई और नवीन तरीकों पर विशेषज्ञ सलाह प्रदान करते हैं।

    Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
    हमारी पसंद

    फसल को कीड़ों से कैसे बचाएं आसान और असरदार उपाय

    गर्मी में पौधों को कैसे बचाएं : आसान घरेलू उपाय

    गर्मी में फसल बचाने के उपाय : आसान देसी तरीके

    सबसे लोकप्रिय

    Sitafal ki kheti कैसे करें ?

    February 2, 2023

    Neem एक Fayde अनेक किसान का अनुभव

    December 7, 2023

    अफ़ीम की खेती कैसी होती है ?अफ़ीम की खेती का लाइसेंस,कमाई

    December 8, 2023
    © 2026 Aapkikheti. Designed by Mobdigital.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version